असम में बाढ़ से 15 की मौत, 43 लाख प्रभावित; मोदी ने मुख्यमंत्री सोनोवाल

जोरहाट. असम सरकार ने सोमवार को राज्य में भीषण बाढ़ के चलते रेड अलर्ट जारी कर दिया है। असम के 33 में से 30 जिलों के करीब 43 लाख लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। पिछले दो दिन में राज्य में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने हालात को लेकर मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल सरकार को केंद्र से हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। बिहार और मिजोरम समेत 5 अन्य राज्यों में बाढ़ की समस्या बरकरार है।

लगातार बारिश से पांच 5 राज्यों में अब तक 71 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। असम के बाद सबसे खराब हालत बिहार और के हैं, जहां कोसी, बागमती, लखनदेई, गंडक, बूढ़ी गंडक और कमला बलान समेत सात नदियां खतरे के निशान के ऊपर हैं। इससे मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी और दरभंगा जिले में स्थिति बिगड़ गई है। राज्य के 10 जिलों के 26 लाख लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। सोमवार को चार लोगों की मौत हो गई। इन्हें मिलाकर 4 दिन में 33 मौतें हो चुकी हैं।

काजीरंगा पार्क डूबा, चाय के बागान को नुकसान
ब्रह्मपुत्र नदी का पानी घुसने से काजीरंगा नेशनल पार्क 90% डूब गया है। वहां 11 वन्यजीवों की मौत हुई। बाढ़ से राज्य के चाय बगानों में 15% फसलें नष्ट हो गई हैं। हफ्तेभर से बारिश, बाढ़ आने से वेस्ट गारो हिल्स जिले के करीब 1.14 लाख लोग मुश्किल में हैं। दूसरी तरफ अरुणाचल, मिजोरम में सोमवार को बारिश से दो-दो लोगों की मौत हाे गई। भूस्खलन से त्रिपुरा और मिजोरम का देश के बाकी हिस्से से रेल मार्ग से संपर्क टूटा हुआ है।

एनडीआरएफ की टीमें राहत सामग्री से लैस
अधिकृत बयान के मुताबिक, देशभर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीड़ितों की मदद के लिए एनडीआरएफ की 119 टीमें तैनात की गई हैं। असम, बिहार में बाढ़ से ज्यादा नुकसान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। वहां लोगों की मदद के लिए 24 घंटे मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। टीमें बोट्स, बाढ़ राहत सामग्री से लैस हैं।

श्रीहरिकोटा (अनिरुद्ध शर्मा, सतीश धवन स्पेस सेंटर). श्रीहरिकोटा के सतीश धवन लॉन्चिंग पैड-2 से रविवार रात 2.51 बजे चंद्रयान-2 लॉन्च किया जाना था, पर तकनीकी गड़बड़ी के चलते तय समय से 56 मिनट 24 सेकंड पहले काउंटडाउन रोक दिया गया। अब उसकी वजह सामने आई है। दरअसल, लॉन्चिंग पर नजर रखने वाली टीम को कंट्रोल रूम से रॉकेट में तापमान और प्रेशर असामान्य दिखा था। लॉन्च व्हीकल, सेंटर, प्रोजेक्ट और मिशन से जुड़े सभी वैज्ञानिकों ने फौरन मीटिंग कर काउंटडाउन रोकने का फैसला किया।

इसरो के इस फैसले की अब तारीफ हो रही है। वैज्ञानिकों ने इस बात की भी बधाई दी कि समय रहते गड़बड़ी पकड़ ली और लॉन्चिंग टाल दी। अब इसरो के वैज्ञानिक चंद्रयान को इसी महीने लॉन्च करने की तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि, अभी लॉन्चिंग की नई तारीख का ऐलान नहीं हुआा है।

1.55 बजे दो बार घोषणा हुई- होल्ड द काउंटडाउन

दरअसल, रविवार सुबह 6:51 बजे काउंटडाउन शुरू हुआ था। इसके बाद रॉकेट के हर हिस्से पर कंट्रोल रूम से नजर थी। स्पेस सेंटर में ऑल वर्किंग पैरामीटर्स नॉर्मल, सेंसर रिस्पॉन्ड नॉर्मल, प्रोसेस स्टार्ट नॉर्मल, फिलिंग स्टार्ट, फिलिंग प्रोसेस कम्प्लीट, टेम्परेचर नॉर्मल, प्रेशर नॉर्मल जैसी एनाउंसमेंट हो रही थीं। बैकग्राउंड में धीमी आवाज में कर्नाटक संगीत जारी था। बाहुबली रॉकेट के क्रायोजेनिक स्टेज में लिफ्ट ऑफ से 5 घंटे पहले रात करीब पौने 10 बजे लिक्विड ऑक्सीजन भरनी शुरू हुई। प्रक्रिया दो घंटे में पूरी हुई। रात डेढ़ बजे तक लिक्विड हाइड्रोजन भरी गई। इसी बीच, रॉकेट से कई किलोमीटर दूर कंट्रोल रूम में तापमान और प्रेशर असामान्य दिखा। लॉन्च व्हीकल, सेंटर, प्रोजेक्ट और मिशन से जुड़े सभी वैज्ञानिकों ने तुरंत मीटिंग कर काउंटडाउन रोकने का फैसला किया। 1.55 बजे दो बार घोषणा हुई- होल्ड द काउंटडाउन। इसके बाद 'टी 56.24' पर काउंटडाउन रुक गया। अगले 20-25 मिनट में मामले की गंभीरता समझने के बाद लॉन्चिंग टाल दी गई।

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